कानपुर: बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के पहले ही दिन कानपुर में एक बड़ा हादसा हो गया। मकराबर्टगंज स्थित प्रो. एच.एन. मिश्रा पीजी कॉलेज के पास रविवार सुबह परीक्षा देने पहुंचे करीब 25 अभ्यर्थी अचानक नाले में जा गिरे। हादसा उस समय हुआ जब परीक्षा केंद्र के पास बनी नाले की जर्जर स्लैब अचानक धंस गई। घटना में चार परीक्षार्थी घायल हो गए, जबकि कई अन्य को मामूली चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को बाहर निकाला गया। कपड़े बदलने और साफ-सफाई के बाद अधिकांश अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया।
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क्या है पूरा मामला?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार परीक्षा शुरू होने से पहले कुछ अभ्यर्थियों को आधार कार्ड की फोटो कॉपी जमा करने के लिए कहा गया था। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पास की फोटोस्टेट दुकान पर पहुंच गए। दुकान के सामने बने नाले की स्लैब पर अचानक अधिक भार पड़ने से वह टूट गई और दर्जनों लोग सीधे नाले में गिर गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय निवासी शब्बीर ने बताया कि स्लैब टूटने के दौरान उसमें लगी लोहे की सरिया कई अभ्यर्थियों को लग गई, जिससे उनके हाथ-पैर और शरीर पर चोटें आईं। कुछ छात्र-छात्राएं नाले की गाद और गंदे पानी में फंस गए थे, जिन्हें लोगों ने तुरंत बाहर निकाला। कुछ समय तक यह आशंका भी बनी रही कि कोई परीक्षार्थी नाले में फंसा हो सकता है, जिसके चलते जेसीबी मशीन से सिल्ट हटाकर जांच कराई गई।
हादसे में घायल अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने नगर निगम की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। एक अभ्यर्थी की मां शालू शुक्ला ने बताया कि उनकी बेटी ने रोते हुए फोन कर हादसे की जानकारी दी। वह तुरंत कपड़े लेकर केंद्र पहुंचीं ताकि बेटी परीक्षा दे सके। उन्होंने कहा कि यदि नाले की मरम्मत समय पर हुई होती तो यह दुर्घटना नहीं होती।
नौबस्ता क्षेत्र से परीक्षा देने आई खुशी नाम की अभ्यर्थी ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर अचानक फोटो कॉपी की जरूरत बताई गई, जिससे एक ही दुकान पर भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान स्लैब टूट गई और कई लोग नाले में गिर गए। उनका कहना है कि इतनी खराब हालत में स्लैब का होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
दूसरी ओर शहर के 19 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक जांच और पहचान पत्रों से सत्यापन किया गया। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा। अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
हालांकि हादसे ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन कई अभ्यर्थियों ने चोट और परेशानी के बावजूद हिम्मत नहीं हारी और परीक्षा देकर अपने भविष्य की परीक्षा भी पास करने का जज्बा दिखाया। (रिपोर्ट: अनुराग श्रीवास्तव)